डा. आर.के.शुक्ल, अध्यक्ष

महाविद्यालय के अध्यक्ष का संदेश


सनातन धर्मावलम्बियों के लिये संस्कृत, संस्कृति एवं संस्कार के उन्नयन एवं सम्बर्द्धन के लिये यह महाविद्यालय आवासीय गुरुकुल पद्धति से संचालित है। भारतवर्ष के ही नहीं, विेदेशों से भी समागत शताधिक संख्या में धनहीन छात्र इस महाविद्यालय में आवासीय रूप से रहकर अध्ययनरत रहते हैं। वर्तमान में संस्कृत देवभाषा के उत्थान हेतु शास्त्री एवं आचार्य के छात्रों को विद्वान् बनाने हेतु आपका आर्थिक सहयोग (जो आयकर की धारा ८०जी एवं १२ए के अन्तर्गत करमुक्त है) महाविद्यालय के लिए संजीवनी का कार्य करेगा और आपको पुण्यशाली बनानें का सौभाग्य प्रदान करेगा।


डा. आर.के.शुक्ल

अध्यक्ष, प्रबन्ध समिति

श्री रामानुज संस्कृत महाविद्यालय, काशी

मिश्रपोखरा वाराणसी